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हेरिटेज जर्नल ने कम समय में पाई बड़ी वैज्ञानिक पहचान।

हमारी दुनिया में सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को समझना और संरक्षित करना बेहद ज़रूरी है। इसी दिशा में ‘हेरिटेज’ नाम का एक वैज्ञानिक जर्नल तेज़ी से अपनी पहचान बना रहा है। साल 2018 में शुरू हुआ यह जर्नल, कुछ ही सालों में वैश्विक अकादमिक समुदाय में एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है, जो विरासत से संबंधित शोधों को प्रकाशित करता है।

हेरिटेज जर्नल का लोगो
हेरिटेज जर्नल का प्रतीक चिन्ह।

यह जर्नल विरासत के अलग-अलग पहलुओं पर गहरी रोशनी डालता है। 2019 में, इसने कई खास सेक्शन शुरू किए, जैसे जैविक और प्राकृतिक विरासत, पुरातात्विक विरासत, भू-विरासत और भू-संरक्षण, वास्तुशिल्प विरासत, कलात्मक विरासत, सांस्कृतिक विरासत, डिजिटल विरासत और पानी के नीचे की विरासत। यह व्यापक दृष्टिकोण दिखाता है कि जर्नल कितने अलग-अलग विषयों को समेटे हुए है।

प्रमुख सूचकांकों में शामिल होना: अकादमिक मान्यता

‘हेरिटेज’ जर्नल की गुणवत्ता और प्रासंगिकता को देखते हुए, इसे जल्द ही दुनिया के सबसे सम्मानित वैज्ञानिक सूचकांकों में जगह मिली। 2021 में, इसे स्कोपस (एल्सेवियर) और इमर्जिंग सोर्सेज साइटेशन इंडेक्स (ESCI) — वेब ऑफ साइंस (क्लैरिवेट एनालिटिक्स) में शामिल किया गया। ये सूचकांक किसी भी जर्नल के अकादमिक महत्व और उसकी सामग्री की वैज्ञानिक विश्वसनीयता को दर्शाते हैं।

तेजी से बढ़ता प्रभाव और गुणवत्ता

जर्नल की बढ़ती लोकप्रियता और शोधकर्ताओं के बीच उसके प्रभाव का अंदाज़ा उसके ‘साइटस्कोर’ और ‘इम्पैक्ट फैक्टर’ से लगाया जा सकता है। 2022 में, ‘हेरिटेज’ ने अपना पहला साइटस्कोर 1.8 हासिल किया और “संरक्षण” श्रेणी में 96 में से 9वें स्थान पर (Q1) रहा। “पुरातत्व (कला और मानविकी)” में यह 335 में से 54वें स्थान पर (Q1) और “सामग्री विज्ञान (विविध)” में 124 में से 64वें स्थान पर (Q3) रहा।

यह प्रगति 2023 में और भी तेज़ हुई, जब जर्नल का 2022 का साइटस्कोर बढ़कर 2.8 हो गया। इसे “संरक्षण” में 102 में से 8वें स्थान पर (Q1), “पुरातत्व (कला और मानविकी)” में 368 में से 34वें स्थान पर (Q1) और “सामग्री विज्ञान (विविध)” में 150 में से 71वें स्थान पर (Q2) रखा गया। इसी साल, ‘हेरिटेज’ ने अपना पहला इम्पैक्ट फैक्टर 1.7 भी प्राप्त किया, जो वैज्ञानिक प्रकाशनों में उसकी बढ़ती मान्यता का एक और प्रमाण है। जर्नल अब मासिक रूप से प्रकाशित होता है, जिससे यह साफ होता है कि इसमें शोध लेखों की संख्या और मांग दोनों बढ़ी हैं।

प्रोफेसर डॉ. निकोला मासिनि और डॉ. फ्रांसेस्को सोल्डोविएरी 2018 से इस जर्नल के एडिटर-इन-चीफ हैं, जिनके नेतृत्व में ‘हेरिटेज’ जर्नल ने यह मुकाम हासिल किया है।

संदर्भ और कड़ियां (References & Links)