हमारे ब्रह्मांड के सबसे छोटे कण, फोटॉन, अब कंप्यूटिंग की दुनिया में क्रांति ला रहे हैं। चीनी वैज्ञानिकों ने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है जिसने क्वांटम कंप्यूटिंग के क्षेत्र में एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया है। चीन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (यूएसटीसी) के नेतृत्व में एक टीम ने जियुझांग 4.0 नामक एक प्रोग्रामेबल ऑप्टिकल क्वांटम कंप्यूटिंग प्रोटोटाइप विकसित किया है, जो क्वांटम सूचना प्रौद्योगिकी में अभूतपूर्व गति प्रदान करता है।
इस नई प्रणाली ने गॉसियन बोसॉन सैंपलिंग (Gaussian boson sampling) नामक एक जटिल गणना समस्या को हल करने में दुनिया के सबसे शक्तिशाली सुपरकंप्यूटर की तुलना में 10 की घात 54 (1054) गुना अधिक गति प्रदर्शित की है। यह गति इतनी अविश्वसनीय है कि इसकी कल्पना करना भी मुश्किल है। जहां एक सुपरकंप्यूटर को समान परिणाम प्राप्त करने में 1042 वर्ष से अधिक का समय लगेगा, वहीं जियुझांग 4.0 इसे मात्र 25 माइक्रोसेकंड में पूरा कर लेता है – पलक झपकने से भी कम समय में।

जियुझांग 4.0 की इस उपलब्धि का श्रेय इसके द्वारा हेरफेर किए गए फोटॉनों की संख्या में हुई उल्लेखनीय वृद्धि को जाता है। शोधकर्ताओं ने अब तक के सबसे बड़े 3,050 फोटॉनों की क्वांटम अवस्थाओं को सफलतापूर्वक हेरफेर और पता लगाया है। यह पिछले जियुझांग 3.0 प्रोटोटाइप द्वारा प्राप्त 255 फोटॉनों से एक बहुत बड़ी छलांग है, जो ऑप्टिकल क्वांटम प्रोसेसर के पैमाने और जटिलता में एक महत्वपूर्ण उन्नति को दर्शाता है। यह शोध प्रतिष्ठित पत्रिका नेचर में प्रकाशित हुआ है।
क्वांटम कंप्यूटिंग की नींव और फोटॉनों का महत्व
पारंपरिक कंप्यूटर सूचना को बिट्स के रूप में संग्रहीत करते हैं, जो 0 या 1 की स्थिति में होते हैं। इसके विपरीत, क्वांटम कंप्यूटर क्यूबिट्स का उपयोग करते हैं, जो 0, 1 या दोनों के सुपरपोजिशन (अध्यारोपण) में एक साथ हो सकते हैं। यह सुपरपोजिशन और क्वांटम उलझाव (entanglement) नामक एक अन्य क्वांटम घटना क्वांटम कंप्यूटरों को कुछ प्रकार की समस्याओं को हल करने में पारंपरिक कंप्यूटरों की तुलना में exponentially अधिक शक्तिशाली बनाती है।
वर्तमान में, क्वांटम कंप्यूटिंग के लिए कई तकनीकी मार्ग हैं, जिनमें सुपरकंडक्टिंग, आयन ट्रैप, फोटोनिक और न्यूट्रल एटम सिस्टम शामिल हैं। जियुझांग श्रृंखला के प्रोटोटाइप ‘फोटोनिक’ मार्ग का अनुसरण करते हैं, जहां क्यूबिट्स को फोटॉन (प्रकाश के कण) का उपयोग करके एन्कोड किया जाता है। इन फोटॉनों के हेरफेर और माप के माध्यम से क्वांटम गणना की जाती है। फोटॉन कई कारणों से आकर्षक हैं: वे प्रकाश की गति से यात्रा करते हैं, बाहरी वातावरण के साथ कम बातचीत करते हैं (जिससे डीकोहेरेंस कम होता है), और उन्हें एकीकृत ऑप्टिकल सर्किट में आसानी से एकीकृत किया जा सकता है।
जियुझांग टीम की सफलता विशेष रूप से गॉसियन बोसॉन सैंपलिंग (GBS) नामक एक विशिष्ट समस्या को हल करने में है। यह एक ऐसा कार्य है जिसमें प्रकाश के विभिन्न रास्तों से गुजरने पर क्वांटम कणों (बोसॉन, जैसे फोटॉन) के संभाव्य वितरण की गणना करना शामिल है। जबकि यह समस्या सीधे तौर पर रोजमर्रा के अनुप्रयोगों से संबंधित नहीं लगती है, यह क्वांटम कंप्यूटर की क्षमता को मापने के लिए एक मानक बेंचमार्क है क्योंकि इसकी जटिलता पारंपरिक कंप्यूटरों के लिए तेज़ी से अनसुलझी हो जाती है जैसे-जैसे फोटॉनों की संख्या बढ़ती है। जियुझांग 4.0 की सफलता ने ‘क्वांटम कम्प्यूटेशनल लाभ’ की अवधारणा को और पुष्ट किया है, जिसका अर्थ है कि एक क्वांटम कंप्यूटर एक विशिष्ट कार्य में सबसे शक्तिशाली पारंपरिक कंप्यूटरों से भी आगे निकल जाता है।
जियुझांग श्रृंखला का विकास और अभूतपूर्व नवाचार
जियुझांग श्रृंखला के प्रोटोटाइप को पहली बार 2020 में सफलतापूर्वक बनाया गया था। तब से, इसमें कई महत्वपूर्ण उन्नयन हुए हैं, जिसने इसे लगातार विश्व रिकॉर्ड स्थापित करने और क्वांटम कम्प्यूटेशनल लाभ हासिल करने में सक्षम बनाया है। यह प्रगति क्वांटम हार्डवेयर के विकास में चीन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
यूएसटीसी के प्रोफेसर लू चाओयांग ने बताया कि इस नवीनतम उपलब्धि के पीछे शोध टीम द्वारा विकसित की गई दो प्रमुख प्रौद्योगिकियां हैं: एक उच्च-दक्षता वाला ऑप्टिकल पैरामीट्रिक ऑसिलेटर (optical parametric oscillator) प्रकाश स्रोत और एक स्पैटिओटेम्पोरली हाइब्रिड-कोडेड इंटरफेरोमीटर (spatiotemporally hybrid-coded interferometer)। ऑप्टिकल पैरामीट्रिक ऑसिलेटर एक ऐसा उपकरण है जो क्वांटम अवस्थाओं में फोटॉनों के अत्यधिक कुशल उत्पादन को सक्षम बनाता है। स्पैटिओटेम्पोरली हाइब्रिड-कोडेड इंटरफेरोमीटर एक जटिल ऑप्टिकल सर्किट है जो फोटॉनों को स्थानिक (spatial) और अस्थायी (temporal) दोनों आयामों में हेरफेर करने की अनुमति देता है, जिससे उन्हें अधिक जटिल गणनाओं के लिए एक साथ काम करने में मदद मिलती है।
टीम ने 1,024 उच्च-दक्षता वाले संपीड़ित-अवस्था ऑप्टिकल क्षेत्रों (squeezed-state optical fields) को 8,176-मोड स्पैटिओटेम्पोरली हाइब्रिड-कोडेड सर्किट में एकीकृत करके 3,050 फोटॉनों तक हेरफेर और पता लगाने में सफलता प्राप्त की। प्रोफेसर लू चाओयांग ने इस उपलब्धि की तुलना करते हुए कहा, “जियुझांग 4.0 द्वारा उत्पन्न सबसे जटिल डेटा नमूने को उत्पन्न करने में केवल 25 माइक्रोसेकंड लगते हैं – पलक झपकने से भी कम समय। इसके विपरीत, दुनिया के सबसे शक्तिशाली सुपरकंप्यूटर को समान परिणाम की गणना करने में 10 की घात 42 वर्ष से अधिक का समय लगेगा।” यह तुलना क्वांटम कंप्यूटिंग की अकल्पनीय गति और क्षमता को स्पष्ट रूप से उजागर करती है।
भविष्य की संभावनाएं और अनुप्रयोग
जियुझांग 4.0 के परिणाम कम-क्षति वाले फोटोनिक क्वांटम प्रोसेसर के पैमाने और जटिलता में एक बड़ी छलांग का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह सफलता भविष्य में “ट्रिलियन-क्यूबिट-मोड त्रि-आयामी क्लस्टर स्थितियां” (trillion-qubit-mode three-dimensional cluster states) और “दोष-सहिष्णु ऑप्टिकल क्वांटम कंप्यूटिंग हार्डवेयर” (fault-tolerant optical quantum computing hardware) के निर्माण के लिए नई संभावनाएं प्रदान करती है। दोष-सहिष्णु क्वांटम कंप्यूटिंग अंतिम लक्ष्य है, जहां त्रुटियों को सक्रिय रूप से ठीक किया जा सकता है, जिससे विश्वसनीय और बड़े पैमाने पर क्वांटम गणना संभव हो सकेगी।
क्वांटम कंप्यूटिंग में इस तरह की प्रगति के दूरगामी अनुप्रयोग हो सकते हैं। ये नए कंप्यूटर ऐसी समस्याओं को हल करने में सक्षम होंगे जो आज के सबसे शक्तिशाली सुपरकंप्यूटरों के लिए भी दुर्गम हैं। इनमें नई दवाओं और सामग्रियों की खोज, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) में क्रांति लाना, जटिल वित्तीय मॉडलिंग, क्रिप्टोग्राफी को तोड़ना या नई सुरक्षित एन्क्रिप्शन विधियां विकसित करना, और मौसम के पूर्वानुमान और जलवायु मॉडलिंग में सुधार शामिल हैं। जियुझांग 4.0 सिर्फ एक वैज्ञानिक मील का पत्थर नहीं है, बल्कि यह मानव जाति के लिए एक नए कंप्यूटिंग युग का अग्रदूत भी है, जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी के भविष्य को नया आकार देने की क्षमता रखता है।
संदर्भ और कड़ियां (References & Links)
- मूल समाचार विज्ञप्ति: University of Science and Technology of China
- शोध पत्र: Nature Journal




