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AI और सेंसर से रुकेगी नशे में ई-स्कूटर और साइकिल चलाना।

कल्पना कीजिए कि अगर आपकी ई-स्कूटर या साइकिल खुद ही समझ जाए कि आप नशे में हैं और अपनी गति धीमी कर दे, तो कितना सुरक्षित होगा? स्वीडन के शोधकर्ता एक ऐसी ही तकनीक पर काम कर रहे हैं जो सूक्ष्म गतिशीलता वाहनों (जैसे ई-स्कूटर और साइकिल) पर नशे में ड्राइविंग को वास्तविक समय में पहचान कर दुर्घटनाओं को रोक सकेगी। MicroTOX नामक यह परियोजना नशे में गाड़ी चलाने वाले ड्राइवरों की पहचान के लिए कई सेंसर तकनीकों का इस्तेमाल करेगी।

एआई द्वारा बनाई गई एक तस्वीर जिसमें एक ई-स्कूटर के ऊपर दिमाग तैर रहा है।
MicroTOX परियोजना का लक्ष्य नशे में गाड़ी चलाने वालों को पहचानना है।

नशे में ड्राइविंग की खतरनाक सच्चाई

यूरोप में, हर चार घायल सड़क उपयोगकर्ताओं में से एक सूक्ष्म गतिशीलता वाहन चलाने वाला होता है। इन वाहनों से हुई दुर्घटनाओं के बाद चिकित्सा सहायता लेने वाले 20-26% उपयोगकर्ता शराब या ड्रग्स के प्रभाव में होते हैं। स्वीडन में, पिछले दस सालों में मरने वाले साइकिल चालकों में से 10-27% नशे में थे। इन गंभीर आंकड़ों को देखते हुए, रात में ई-स्कूटर किराए पर लेने पर रोक जैसे कदम उठाए गए हैं, लेकिन एक स्थायी तकनीकी समाधान की ज़रूरत है।

समस्या का तकनीकी समाधान

MicroTOX परियोजना का मुख्य लक्ष्य एक ऐसी इंटेलिजेंट तकनीक और संचार प्रणाली विकसित करना है जो शराब के असर में साइकिल या ई-स्कूटर चलाने से रोक सके। इसका एक तरीका यह है कि ई-स्कूटर के चलने के तरीके (किनेमैटिक्स) से नशे की स्थिति का पता लगाया जाए और फिर स्वचालित रूप से उसकी गति को सीमित कर दिया जाए। यह तकनीक लोगों को दुर्घटनाओं से बचाकर सड़कों को अधिक सुरक्षित बनाएगी।

सेंसर और AI कैसे काम करेंगे?

यह परियोजना कई अलग-अलग सेंसर तकनीकों का इस्तेमाल करके नशे में गाड़ी चलाने वालों की पहचान करेगी। इन तकनीकों का उपयोग क्लासिफिकेशन एल्गोरिदम (ऐसी एल्गोरिदम जो वास्तविक समय में पोर्टेबल उपकरणों, वाहनों या यातायात वातावरण में चल सकती हैं) विकसित करने के लिए किया जाएगा। ये एल्गोरिदम यातायात में प्रभावित व्यवहार का पता लगाएँगे और सक्रिय सुरक्षा प्रणालियों का हिस्सा बनेंगे। इसका मतलब है कि ये इंटेलिजेंट सिस्टम गंभीर स्थिति पैदा होने या दुर्घटना होने से पहले ही नशे में गाड़ी चलाने वाले को चेतावनी दे सकेंगे। परियोजना में एक बड़े प्रयोग से डेटा इकट्ठा करना भी शामिल है, जहाँ शराब के प्रभाव में ड्राइवरों को उन्नत गति विश्लेषण तकनीक से मॉनिटर किया जाता है। यह डेटा इंटेलिजेंट एप्लिकेशन के विकास के लिए “आधारभूत जानकारी” का काम करेगा।

जमीन पर लागू होंगे प्रोटोटाइप सिस्टम

इस परियोजना के तहत, दो प्रोटोटाइप सिस्टम विकसित किए जाएँगे और उनका फील्ड टेस्ट किया जाएगा जो नशे में साइकिल या ई-स्कूटर चलाने का पता लगा सकते हैं। पहला सिस्टम बुनियादी ढाँचे पर आधारित होगा (Viscando द्वारा) और दूसरा वाहन-आधारित होगा (Voi द्वारा)। परियोजना के दौरान, इन प्रणालियों को TRL 3 से TRL 5 तक विकसित किया जाएगा। इसके अलावा, अकादमिक और औद्योगिक साझेदारों के नेटवर्क की मदद से डेटा और एल्गोरिदम को साझा करके नवाचार को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

संदर्भ और कड़ियां (References & Links)

  • मूल समाचार विज्ञप्ति: Drive Sweden
  • प्रयोग में शामिल होने की जानकारी: Google Drive
  • परियोजना की जानकारी (विनोवा): Vinnova