कैंसर के ठोस ट्यूमर में अक्सर ऑक्सीजन की कमी होती है, जिसे ‘हाइपोक्सिया’ कहते हैं। यह स्थिति कैंसर कोशिकाओं को और खतरनाक बना देती है, जिससे मौजूदा दवाएँ अक्सर असरदार साबित नहीं हो पातीं। वैज्ञानिक लंबे समय से यह समझने की कोशिश कर रहे थे कि कैंसर कोशिकाएँ ऑक्सीजन की कमी में खुद को कैसे ढाल लेती हैं, और ऐसे में उन्हें कहाँ से निशाना बनाया जा सकता है।
इसी चुनौती का सामना करते हुए, शंघाईटेक यूनिवर्सिटी के जीवन विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान के प्रोफेसर लियू शुएसोंग के रिसर्च ग्रुप ने अपने सहयोगियों के साथ एक कमाल की खोज की है। उन्होंने एक नया AI मॉडल ‘डेपफ़ॉर्मर’ बनाया है, जो ऑक्सीजन-भूखी कैंसर कोशिकाओं की मेटाबॉलिक कमज़ोरियों का पता लगा सकता है। यह खोज कैंसर के नए और असरदार इलाज की राह खोल सकती है।
AI ने कैसे पहचाने कैंसर के गुप्त रास्ते
पारंपरिक तरीके, जैसे कि CRISPR स्क्रीनिंग, कैंसर कोशिकाओं की अलग-अलग मेटाबॉलिक ज़रूरतों को समझने में बहुत समय लेते हैं और उनकी विविधता को पूरी तरह से नहीं दर्शा पाते हैं। प्रोफेसर लियू की टीम ने इस समस्या का हल निकाला। उन्होंने ‘जीनफ़ॉर्मर’ नामक सिंगल-सेल बेस मॉडल को फेफड़ों के कैंसर के सिंगल-सेल डेटा के साथ ट्यून करके ‘डेपफ़ॉर्मर’ AI मॉडल बनाया। यह AI कंप्यूटर सिमुलेशन के ज़रिए कैंसर कोशिकाओं में जीन के बदलावों का विश्लेषण करता है और यह भविष्यवाणी करता है कि ऑक्सीजन की कमी में उन्हें किस मेटाबॉलिक रास्ते पर निर्भर रहना पड़ता है।
यह डीप लर्निंग मॉडल एक ‘ट्रांसफॉर्मर’ आर्किटेक्चर पर आधारित है, जो इसे जटिल जैविक डेटा पैटर्न को पहचानने और समझने में बेहद सक्षम बनाता है। डेपफ़ॉर्मर ने दिखा दिया कि कैसे AI बड़ी मात्रा में डेटा को तेज़ी से प्रोसेस करके उन कमज़ोरियों को उजागर कर सकता है, जिन्हें इंसान की नज़र से पहचानना मुश्किल होता है।
FLAD1: एक नया और ज़रूरी निशाना
डेपफ़ॉर्मर की मदद से वैज्ञानिकों ने एक महत्वपूर्ण एंजाइम, FLAD1 (फ़्लैविन एडेनिन डाइन्यूक्लियोटाइड सिंथेज़ 1), की पहचान की है। उन्होंने पाया कि FLAD1 ही वह मुख्य खिलाड़ी है जो ऑक्सीजन की कमी वाली कैंसर कोशिकाओं में मेटाबॉलिक बदलाव को नियंत्रित करता है। यह एंजाइम FAD (फ़्लैविन एडेनिन डाइन्यूक्लियोटाइड) बनाने में अहम भूमिका निभाता है। FAD, माइटोकॉन्ड्रिया के कॉम्प्लेक्स II के सही काम करने के लिए बेहद ज़रूरी है, जो कोशिकाओं को ऊर्जा देने का काम करता है।
इस खोज से पता चला है कि FLAD1 को निशाना बनाकर ऑक्सीजन की कमी वाले ट्यूमर की ऊर्जा आपूर्ति को रोका जा सकता है और उनके विकास को धीमा किया जा सकता है। यह कैंसर के इलाज में एक नई रणनीति पेश करता है, खासकर उन ट्यूमरों के लिए जो मौजूदा इलाजों के प्रति प्रतिरोधी हो गए हैं।
यह रिसर्च सेल रिपोर्ट्स नामक प्रतिष्ठित जर्नल में छपी है, और यह दिखाता है कि AI कैसे दवा की खोज और विकास में क्रांति ला सकता है। FLAD1 को एक नए कैंसर टारगेट के रूप में पहचानना, विशेष रूप से हाइपोक्सिक ट्यूमर के लिए, भविष्य में ज़्यादा सटीक और प्रभावी दवाएँ बनाने में बड़ी मदद कर सकता है।
संदर्भ और कड़ियां (References & Links)
- मूल समाचार विज्ञप्ति: शंघाईटेक यूनिवर्सिटी
- शोध पत्र: Deep learning reveals FLAD1-mediated mitochondrial metabolic reprogramming in hypoxic tumors (Cell Reports)




